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राम की पैड़ी चौपाटी दुकान ई-नीलामी 2026

अयोध्या विकास प्राधिकरण राम की पैड़ी के पास चौपाटी के प्रथम तल पर 32 दुकानों की ई-नीलामी कर रहा है। पंजीकरण 21 नवंबर 2026 तक, अनुमानित मूल्य ₹18.57 लाख।

शाम के समय रोशनी से जगमगाते राम की पैड़ी घाट और सरयू के किनारे चौपाटी की दुकानें, ऊपर नीलामी हथौड़े के साथ “राम की पैड़ी चौपाटी दुकान ई-नीलामी 2026” लिखा है और नीचे 32 दुकानें, पहला तल व अयोध्या विकास प्राधिकरण के संकेत

अयोध्या में राम की पैड़ी के सबसे व्यस्त हिस्से में अपनी दुकान का अवसर आया है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने नया घाट के पास बने चौपाटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के प्रथम तल पर 32 दुकानों के आवंटन के लिए ई-नीलामी की घोषणा की है। पंजीकरण 20 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुका है और 21 नवंबर 2026 तक केवल ऑनलाइन होगा।

ADA ई-नीलामी पोर्टल पर पंजीकरण करें

एक नज़र में

योजनाराम की पैड़ी के समीप चौपाटी, प्रथम तल की दुकानें
दुकानों की संख्या32 (परिस्थिति के अनुसार घट-बढ़ सकती है)
क्षेत्रफल10.50 वर्ग मीटर प्रति दुकान (लगभग 113 वर्ग फुट)
अनुमानित मूल्य₹18,57,100
धरोहर राशि (सामान्य)₹1,85,710 (10%)
धरोहर राशि (आरक्षित वर्ग)₹92,855 (5%)
पंजीकरण पुस्तिका शुल्क₹1,180 (18% GST सहित, वापस नहीं होगा)
पंजीकरण अवधि20 अक्टूबर 2026 से 21 नवंबर 2026
नीलामीऑनलाइन, ayodhyada.procure247.com पर; तिथि पोर्टल पर घोषित होगी

दुकानें कहां हैं

चौपाटी राम की पैड़ी के पास नया घाट पर बना शॉपिंग कॉम्प्लेक्स है, जहां सरयू आरती देखने और घाट घूमने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ पूरे साल रहती है। प्राधिकरण के नक्शे के अनुसार प्रथम तल की दुकानें दो मीटर चौड़े गलियारों के किनारे हैं। प्रसाद, पूजा सामग्री, स्मृति-चिह्न, खाने-पीने या हस्तशिल्प जैसे कारोबार के लिए यह जगह काम की हो सकती है। ध्यान रखें कि दुकानों की छत पर स्वामित्व प्राधिकरण का रहेगा, आवंटी का नहीं।

कौन आवेदन कर सकता है

  • आवेदन की तिथि पर आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो।
  • आवेदक भारत का नागरिक हो। अप्रवासी भारतीय (NRI) भी आवेदन कर सकते हैं।
  • आवेदन अकेले या पति-पत्नी के संयुक्त नाम से हो सकता है। किसी और संयुक्त नाम से आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
  • पंजीकृत आवेदक की जगह किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर विचार नहीं किया जाएगा।

आरक्षण और छूट

शासनादेश के अनुसार अनुसूचित जाति को 21%, अनुसूचित जनजाति को 2%, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27%, 50 वर्ष से अधिक आयु के सरकारी व सुरक्षा सेवा कर्मियों को 5%, विधायक-सांसद व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों को 5%, भूतपूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों को 3% और प्राधिकरण, आवास विकास परिषद, जल संस्थान व नगर निकाय कर्मियों को 2% आरक्षण है। दिव्यांगजनों को हर श्रेणी में 3% क्षैतिज आरक्षण मिलेगा।

SC/ST, OBC, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और दिव्यांग आवेदकों को केवल 5% धरोहर राशि जमा करनी है। दिव्यांग आवेदकों को दुकान के मूल्य में 10% और गंभीर रूप से दिव्यांग आवेदकों को 20% छूट भी मिलेगी। आरक्षण का लाभ लेने के लिए सक्षम अधिकारी का प्रमाण-पत्र अपलोड करना होगा। किसी आरक्षित वर्ग में पर्याप्त आवेदक न हों तो वे दुकानें सामान्य श्रेणी को दी जा सकती हैं।

पंजीकरण कैसे करें

  1. ADA ई-नीलामी पोर्टल खोलें और “Bidder Registration” पर क्लिक करें।
  2. ईमेल, पासवर्ड, पता और मोबाइल नंबर भरें। फिर बैंक खाते का विवरण (खाताधारक का नाम, खाता संख्या, IFSC) दें। धरोहर राशि इसी खाते में लौटेगी, इसलिए विवरण ध्यान से भरें।
  3. ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें और “Complete Profile Registration” पर क्लिक करें।
  4. ईमेल और पासवर्ड से लॉगिन करें। ईमेल और मोबाइल पर आए OTP से लॉगिन पूरा होगा।
  5. “Payment Dashboard” में पहले ₹1,180 पुस्तिका शुल्क और फिर धरोहर राशि जमा करें। UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग या बैंक ट्रांसफर (RTGS) से भुगतान हो सकता है। रसीद डाउनलोड करके रखें।
  6. नीलामी के दिन पोर्टल पर लॉगिन करके बोली लगाएं। केवल वही आवेदक बोली लगा सकेंगे जिनकी धरोहर राशि जमा हो चुकी है।

पोर्टल के होम पेज पर “Bidder Manual” पीडीएफ में हर चरण की तस्वीरें दी गई हैं। पंजीकरण के समय ₹100 के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर नोटरी से प्रमाणित शपथ-पत्र (पुस्तिका में दिए प्रारूप में) भी अपलोड करना अनिवार्य है। संयुक्त आवेदन में दोनों आवेदकों की पासपोर्ट साइज़ फोटो और हस्ताक्षर लगेंगे।

भुगतान कैसे होगा

दुकान सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को मिलेगी। ₹18.57 लाख केवल अनुमानित मूल्य है, अंतिम कीमत बोली से तय होगी। सफल आवेदकों की सूची नीलामी के दो दिन के भीतर पोर्टल और प्राधिकरण के नोटिस बोर्ड पर लगेगी।

  • किस्तों में: आवंटन पत्र मिलने के एक माह के भीतर बोली की 25% राशि (धरोहर राशि सहित) जमा करें। बाकी 75% राशि पांच साल में 20 तिमाही किस्तों में, 15% ब्याज के साथ।
  • एकमुश्त: पूरी राशि आवंटन पत्र जारी होने के 90 दिन के भीतर। इसके लिए अलग शपथ-पत्र देना होगा।
  • अतिरिक्त खर्च: फ्री होल्ड शुल्क (भूमि मूल्य का 12%), रजिस्ट्री की स्टाम्प ड्यूटी, GST और स्थानीय कर आवंटी को अलग से देने होंगे।

दुकान फ्री होल्ड पर मिलेगी, लेकिन कब्ज़ा रजिस्ट्री के बाद ही मिलेगा। सूचना मिलने के 30 दिन में कब्ज़ा न लेने पर पहले तीन महीने ₹10 प्रतिदिन और अगले तीन महीने ₹30 प्रतिदिन अनुरक्षण शुल्क लगेगा। प्राधिकरण की पूर्व अनुमति से दुकान को बैंक के पास बंधक रखकर लोन लिया जा सकता है।

बोली से पहले ये ज़रूर जानें

  • दुकानें “जहां हैं, जैसी हैं” के आधार पर दी जाएंगी। बोली से पहले जगह खुद जाकर देख लें।
  • आवंटन के बाद दुकान लेने से मना करने पर पूरी धरोहर राशि ज़ब्त हो जाएगी।
  • तय समय पर किस्त न भरने पर दंड ब्याज लगेगा, और भुगतान न होने पर आवंटन रद्द करके राशि ज़ब्त की जा सकती है।
  • नीलामी से पहले लिखित प्रार्थना-पत्र देकर धरोहर राशि वापस ली जा सकती है। नीलामी में असफल रहने पर राशि एक माह के भीतर बिना ब्याज लौटा दी जाएगी।
  • गलत जानकारी देने पर आवंटन रद्द होगा और जमा राशि ज़ब्त होगी। शर्तों में बदलाव का अधिकार प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के पास है।

संपर्क

योजना, पंजीकरण या भुगतान से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल अयोध्या विकास प्राधिकरण के आधिकारिक ई-नीलामी पोर्टल पर दिए गए संपर्क विवरण का ही उपयोग करें। पोर्टल पर उपलब्ध पंजीकरण पुस्तिका में प्राधिकरण के अधिकारियों और तकनीकी सहायता के संपर्क दिए गए हैं। सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप या किसी अनजान व्यक्ति द्वारा दिए गए नंबर पर भरोसा न करें।

यह जानकारी अयोध्या विकास प्राधिकरण की पंजीकरण पुस्तिका (अक्टूबर 2026) पर आधारित है। AwadhiSangam इस नीलामी से जुड़ा नहीं है। भुगतान केवल आधिकारिक पोर्टल पर करें, किसी एजेंट या बिचौलिये को पैसे न दें, और बोली से पहले पोर्टल पर अद्यतन शर्तें व नीलामी तिथि अवश्य देखें।

Frequently asked questions

पंजीकरण की अंतिम तिथि क्या है?

प्राधिकरण की पुस्तिका के अनुसार पंजीकरण 20 अक्टूबर 2026 से 21 नवंबर 2026 तक ayodhyada.procure247.com पर खुला है।

क्या ₹18.57 लाख दुकान की अंतिम कीमत है?

नहीं। ₹18,57,100 अनुमानित मूल्य है। दुकान सबसे ऊंची बोली पर आवंटित होगी, और फ्री होल्ड शुल्क, स्टाम्प ड्यूटी व कर अलग से देने होंगे।

नीलामी में हारने पर धरोहर राशि वापस मिलेगी?

हां। असफल आवेदकों की धरोहर राशि आवंटन प्रक्रिया पूरी होने के एक माह के भीतर बिना ब्याज बैंक खाते में लौटाई जाएगी। ₹1,180 पुस्तिका शुल्क वापस नहीं होता।

क्या पति-पत्नी मिलकर आवेदन कर सकते हैं?

हां। आवेदन अकेले या पति-पत्नी के संयुक्त नाम से किया जा सकता है। इसके अलावा कोई संयुक्त नाम स्वीकार नहीं होगा।